आज चुनाओ प्रचार का तरीका बिल्कुल बदल चुका है , चुनाओ प्रचार का मतलब होता है की जनता को बताएं या जनता तक अपना संदेश पहुचाये जिस मकसद के लिए वे चयनित होना चाहते है ,तथा जनता व् देश की सेवा करना चाहते हैं परन्तु आज इसथित बिल्कुल विपरीत है ,वे सिर्फ़ एक दूसरे की बुराइयाँ गिनने में लगे रहते है ,जैसे वे सब दूध के धुले हैं ,
इस प्रकार जीतने के बाद संसद में पहुँचने पैर वहां भी पाच साल तक आरोप प्रत्यारोप में समय निकल देते हैं व् जनता की मेहनत की कमी खर्च कर देते हैं ।
प्रचार में इतने घटिया सब्दों का प्रयोग करते हैं तथा परिहास करते हैं व् जनता का मनोरंजन करके उन्हें मुर्ख बनते हैइस सब से क्या हासिल होगा क्या जनता को मूर्ख समझ रखा है
मेरा सुझाओ
नेताजी को बताना चाहिए की मैंने क्या क्या कार्य किए थे और क्या करना चाहता हूँ समाज के लिए ,देश के लिए ,विकास के लिए ,किसान के लिए ,विज्ञानं के लिए ,ज्ञान के लिए ,तथा सारे जहाँ के लिए ! तथा यदि विपक्च मैं बैठा तो क्या करवाऊंगा उपरोक्त के लिए .............!
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