बुधवार, 14 अक्टूबर 2009

आज

सोमवार, 12 अक्टूबर 2009

रविवार, 11 अक्टूबर 2009

नरेगा

इस तरह की योजनायें कभी भी सफल नही हो सकती क्यूंकि इस तरह की योजनाओं को सफल बनाने के लिए जागरूकता की जरूरत है , आज गाँव गाँव में भ्रस्ताचार दीमक की तरह चिपक गया है , परन्तु जब विचार करते हैं तब हमें कहीं न कहीं इसकी जड़ में राजनीती ही नजर आती है / आज सभी राजनीतिक पार्टियों की इकाई के अंश पूरे देश में विधमान हैं ,और मैं समझता हूँ की कहीं न कहीं राजनीतिक पार्टियों की भ्रटाचार वाली शाखा इन इकाइयों में समाई हुई है /जिससे इमानदार आदमी भी दबाव में कार्य कर रहा है क्यूंकि साम दाम दंड भेद सभी कुछ आजमाया जा रहा है /
सबसे पहले हमे करना यह है , सभी ग्राम प्रधानों को ग्राम प्रधान बन कर कार्य करना होगा न की किसी पार्टी के प्रतिनिधि की तरह इसके लिए उन अधिकारीयों को भी जवाब देह बनाना होगा जो गाँव की तरकी के लिए .....................शेष