मंगलवार, 11 मई 2010
मिलावट खोर
हम सब खाना नहीं खा रहे, जहर खा रहे हैं जो धीरे धीरे नस्ल परिवर्तन कर रहा हैI एक दिन ऐसा आयेगा जब सब जानवर से भी बदतर जीवन जीने को मजबूर होंगे, अजीब बीमारियों से ग्रसित होंगे जिनका कोई इलाज भी नहीं होगा बल्कि बीमारियों से ग्रसित इंसान को उसी नस्ल का मान लिया जायेगा I आगे की पीड़ियाँ सोंचेंगी हमारे पूर्वज ऐसे ही थे I यह सब क्यों हो रहा है सिर्फ सिर्फ पैसे के लिए, यह कौन लोग हैं जो ऐसी घिनौनी हरकत कर रहें यह कोई गरीब या अनपढ़ लोग नहीं कर रहे I यह दो तरह के मिलावट खोर हैं १. व्यापारी वर्ग से २. किसान वर्ग तथा दोनों वर्गों में जो सक्षम हैं वही यह कार्य कर रहे हैं ये शीध्र ही और अमीर बनना चाहते हैं I व्यापारी लाल मिर्च में ईंट, धनिया में लीद, कलि मिर्च में पपीते का बीज, तेल में कैमिकल , घी में जानवरों की हड्डियों की मज्जा, कैमिकल, खोये में आरारोड, दूध में निरमा, योरिया, बच्चों की ही नस्ल बर्बाद कर रहें हैं I कथित किसान भाई भी पीछे नहीं, वह भी जिनके पास सोना उगलने वाली जमीने हैं, स्टेरोइड के injection जो जानवरों के दूध बड़ाने के लिए भैस व् गाये को लगाते हैं उसी से लौकी ,कद्दू ,खीरा, ककड़ी आदि सब्जियों में लगाते हैं जो दो दिन में बड़ कर लम्बी हो जाती हैI आज कल आपने देखा होगा महिलाओं व् लड़कियों के भी दाड़ी-मुछ में बाल नजर आते हैं, क्या पता जो ब्रांडेड कंपनी हैं उनके उत्पाद भी भी मिलावट वाले हों , क्यूंकि पकडे गये लोगों के पास ब्रांडेड कंपनी के रैपर मिले I नयी नयी बीमारियों का कारण भी यही है मेरी समझ में यह नहीं आता ये इस तरह से पैसे बना कर क्या करना चाहते हैं, क्या इनके बीवी-बच्चे नहीं है, क्या शुद्ध चीजें बाज़ार में कोई लेता नहीं है .........शेष
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